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22.3.10

सातवां हनुमान जागरण आयोजित




हनुमान कलियुग के देवता हैं : निगमबोध
सफीदों, (हरियाणा) : श्री हरि संकीर्तन एवं जागरण मंडल के तत्वावधान में नगर की पुरानी अनाज मंडी में सातवां विशाल हनुमान जागरण का आयोजन किया गया। हनुमान जागरण में दण्डी स्वामी निगमबोध तीर्थ महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। दण्डी स्वामी निगमबोध तीर्थ महाराज ने अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करके जागरण का शुभारंभ किया। जागरण में आए हुए गायकों निशा, किरण शर्मा, अरविंद कौशिक व देवेंद्र शर्मा ने अपनी मधुर गायकी के माध्यम से प्रस्तुत हनुमान भजनों से समा बांध दिया। वहीं मोंटी नटराजन द्वारा प्रस्तुत झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोग भजनों में इतना सराबोर हुए कि सारी रात जहां पर बैठे से वहीं पर बैठे रहे। वहीं लोगों ने भजनों की धुनों पर थिरकर जागरण का रसास्वादन किया। श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए दण्डी स्वामी निगमबोध तीर्थ महाराज ने कहा कि सफीदों नगरी एक धार्मिक नगरी है। इस पवित्र धरा की गाथा इतिहास के पन्नों में भरी पड़ी है। इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम समयसमय पर यहां पर होते रहने चाहिए। बेहद खुशी का विष्य है कि श्री हरि संकीर्तन एवं जागरण मंडल के तत्वावधान में हर साल आयोजित हो रहा यह हनुमान जागरण सातवें वर्ष् में प्रवेश कर गया है। उन्होंने कहा कि सांसारिक मनुष्य अपने जीवन को व्यर्थ के क्रियाकलापों में उलझाने की बजाए समय का सदुपयोग करते हुए अपना ध्यान भगवान की भति में लगाना चाहिए। मानव जीवन संसार की चिंताएं करने के लिए नहीं अपितु प्रभु का चिंतन करने के लिए मिला है। मनुष्य को हनुमान जी के जीवन चरित्र से सिख लेते हुए अपने जीवन को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलियुग के देवता केवल हनुमान ही हैं जो अपने भतों की हर समस्या में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य भोगविलास में पड़ गया है। घर व घर से बाहर देखा जा रहा है कि बड़ों का कोई समान नहीं रह गया है। आज का युवा अपने पथ से भटकर पश्चिमी रंग में रंग गया है। पहले समय में युवा अपने मातापिता की समस्याओं में हाथ बंटाते थे लेकिन आज मातापिता की सबसे बड़ी समस्या खुद युवा वर्ग बन गया है। उन्होंने लोगों खासकर युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने पथ से ना भटकते हुए अपने परिवारों को संभाले तथा बड़ों का समान करे। इस मौके पर भारी तादाद में लोग मौजूद थे।

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